स्काईमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, वर्तमान में उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में कोई भी सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं है। इसके चलते उत्तर-पश्चिमी दिशा से ठंडी हवाएं तेजी से चल रही हैं, जिससे आधे भारत में कड़ाके की सर्दी का प्रकोप बना हुआ है। पहाड़ों पर अगले एक सप्ताह तक किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ की संभावना नहीं है, जिसके कारण बर्फबारी नहीं होगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में गहरा कोहरा छाए रहने का अनुमान है। महेश पलावत ने बताया कि कोहरे के कारण दिन के तापमान में कमी आएगी, जिससे ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी रहेगी। राजस्थान में भी चूरू और बीकानेर जैसे क्षेत्रों में तापमान 4 से 5 डिग्री तक गिर सकता है, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीत लहर (शीत लहर) का असर देखने को मिल सकता है।



















